"हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो, तो इसे शुद्ध आनन्द समझो, क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हारे विश्वास की परीक्षा धीरज उत्पन्न करती है। धीरज को अपना काम पूरा करने दो, ताकि तुम सिद्ध और पूर्ण बनो, और किसी बात में घटी न रहे।" — याकूब 1:2-4 (BSB)
याकूब यह नहीं कहता कि परीक्षाओं पर खुश महसूस करो। वह कहता है इसे शुद्ध आनन्द समझो। यह एक निर्णय है, मूड नहीं। तुम इसे भावना आने से पहले ही चुनते हो। यह असली परीक्षाओं के बारे में है। यूनानी शब्द, पॉइकिलोस, का अर्थ है बहुरंगी, हर तरह का। याकूब किसी एक आसान तरह की कठिनाई की बात नहीं कर रहा। उसका मतलब हर तरह से है — पूरी रेंज। फिर कारण आता है: तुम जानते हो कि तुम्हारे विश्वास की परीक्षा धीरज उत्पन्न करती है। आनन्द कोई अंधी आज्ञा नहीं है। यह किसी ऐसी चीज़ पर टिका है जो तुम पहले से जानते हो — परीक्षाएं व्यर्थ नहीं जातीं। वे कुछ उत्पन्न कर रही हैं। यहाँ धीरज केवल दांत भींचना नहीं है। याकूब कहता है इसे अपना काम पूरा करने दो।